विद्यार्थी और वर्तमान राजनीति Essay in Hindi । Students and Current Politics Essay in Hindi

नमस्कार मेरे विद्यार्थी दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको विद्यार्थी और वर्तमान राजनीति पर निबंध लिखना सिखाएंगे दोस्तों इस निबंध का उपयोग आप कक्षा 5 से लेकर कक्षा 12 तक यूज कर सकते हैं और यह याद करना भी बहुत आसान है अगर आप इस निबंध को एक दो बार पढ़ लोगे तो यह आपको मिनटों में याद हो जाएगा जैसा कि मेरे प्यारे विद्यार्थी दोस्तों मैं आपके लिए essaywriting.in ब्लॉग में हर दिन एक नया निबंध लेख लेकर आता हूं और उस लेख को जितना हो सके उतना सरल और ज्ञानवर्धक बनाता हूं जिससे कि आपको परीक्षा में उसे याद करना मिनटों का काम हो और जब भी आपके अध्यापक उस लेख को देखें तो आपको वह नंबर भी उसके पूरे में से पूरे दे इसी आशा के साथ हम आपके लिए हर रोज नए नए लेख लाते हैं जिसे आप आसानी से याद करके परीक्षा में उत्तीर्ण हो सकते हैं तो मेरे प्यारे विद्यार्थियों अभी मैं आपका ज्यादा समय ना खराब करते हुए डायरेक्ट निबंध पर चलते हैं

संकेत बिन्दु - 
  1. प्रस्तावना 
  2. राजनीति का स्वरूप 
  3. विद्यार्थियों के लिए राजनीति का औचित्य 
  4. विद्यार्थियों के कर्त्तव्य 
  5. उपसंहार
1. प्रस्तावना - हमारे भारत के नेताओं और मंत्रियों ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को अपनाया है।
भारत जैसे लोकतांत्रिक देश को इसी प्रक्रिया के अंतर्गत सामान्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों तथा कर्तव्य का ज्ञान कराने के लिए और राजनीतिक चेतना का संचार करने के लिए प्रत्येक विद्यालय महाविद्यालय में लोकतंत्र बनाने के लिए छात्र संघ का गठन किया गया है इस गठन का मुख्य तौर पर यही मकसद है की छात्र-छात्राओं में लोकतांत्रिक प्रक्रिया एवं संसदीय प्रणाली का ज्ञान करवाना और लोकतंत्र देश में कैसे कानून व्यवस्था और सामान्य जन नागरिक की स्वतंत्रता प्रणाली कार्य करती है इसका ज्ञान करवाना है।

2. राजनीति का स्वरूप - वर्तमान समय में सक्रिय राजनीति ही राजनीति का वास्तविक स्वरूप है । इसके अनुसार भारत में राजनीतिक दल की सदस्यता प्राप्त करना और इस सदस्यता को प्राप्त करके लोकप्रतिनिधी के लिए चुनाव लड़ना तथा किसी राजनीतिक दल का गठन करना यही सक्रिय राजनीति का मूल माना जाता है। लेकिन विद्यालयों और महाविद्यालय के छात्र छात्राओं को लोकतंत्र राजनीति का ज्ञान देना उनको राजनीतिक कैसे कार्य करती है इसके क्या क्या उद्देश्य है इनको समझाना का मुख्य उद्देश्य यही है कि छात्रों को जनतांत्रिक शासन व्यवस्था का ज्ञान कराना है। 

विद्यार्थी के जीवन में राजनीतिक का आश्य लोकतंत्र की शिक्षा देना और उनमें संविधान में दिए गए अधिकारों की चेतना उत्पन्न करना है ।

3. विद्यार्थियों के लिए राजनीति का औचित्य - जहां तक विद्यार्थियों में संसदीय प्रणाली का ज्ञान प्राप्त करना और जनतांत्रिक शासन व्यवस्था के प्रति चेतना जागृत करना है उस सीमा तक विद्यार्थियों के लिए राजनीति उचित है क्योंकि उस सीमा तक विद्यार्थियों के लिए वह एक पाठ्य विषय ही है। लेकिन जब विद्यार्थी नियमित अध्ययन से विमुख होकर दलगत राजनीति गतिविधियों में भाग लेने लगता है तब वह अध्ययन से दूर होने लगता है। और तब वह विद्यार्थी विभिन्न राजनीतिक दलों और राजनीतिक गतिविधियों के साथ जुड़कर अपना स्वार्थ साधने में तत्पर हो जाते हैं । उस स्थिति में विद्यार्थियों के लिए सक्रिय राजनीतिक उचित नहीं है क्योंकि उस समय वह अपना स्वार्थ साधने के लिए किसी भी कुचकरी नेताओं और मंत्रियों के बहकावे या जानबूझकर चक्कर में आकर हड़ताल तोड़फोड़ आगजनी दंगाई तथा सामान्य जन नागरिकों में भय का माहौल बना सकते हैं। इसी कारण विद्यार्थियों को सक्रिय राजनीति से दूर रहना ही अच्छा है।

4. विद्यार्थियों के कर्त्तव्य - विद्यार्थी का जीवन मानव का वह मुख्य स्तंभ है जिस पर ही वह अपने जीवनरूपी महल को खड़ा कर सकता है क्योंकि बिना विद्यार्थी जीवन के बिना मनुष्य न तो ज्ञान और ना ही समाज में रहने के काबिल बन सकता है । और इसी कारण से विद्यार्थी जीवन को मानव विकास की आधारशिला माना जाता है । इसलिए जब विद्यार्थी अपने जीवन में उच्च आदर्शों और लक्ष्य को निर्धारित कर उन के अनुरूप शिक्षा ग्रहण करेंगे । तब नि:संदेह ही वह अपने जीवन अपने परिवार और समाज में प्रशस्त हो पाएंगे । इसलिए विद्यार्थियों का मुख्य उद्देश्य है कि वह भ्रष्ट राजनेता और मंत्रियों से बचे तथा छात्र संघ का गठन केवल राजनीतिक चेतना की शिक्षा माने । छात्र केवल आदर्श विचारों और कार्यों से अपना जीवन सफल बनाने और सच्चरित्रों को अपनाने में ही विशेष रुचि रखें।

5. उपसंहार - अतएव संक्षेप में यही कहा जा सकता है कि जहां तक विद्यार्थी को हो सके तो राजनीति को केवल और केवल शिक्षा ग्रहण करने और राजनीति के बारे में ज्ञान प्राप्त करने में ही रुचि रखना चाहिए उन्हें किसी अन्य प्रकार से अपना स्वार्थ साधने के लिए किसी भ्रष्ट नेताओं के साथ मिलकर ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे स्वयं का और समाज का नुकसान हो क्योंकि विद्यार्थी जीवन ही मनुष्य के जीवन का मुख्य स्तंभ है और वह अपने संपूर्ण जीवन को विद्यार्थी जीवन में रहकर ही अलंकृत कर सकता है इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वह अपने जीवन को सफल बनाने और राष्ट्र को ऊंचा उठाने में अधिक प्रयास करना चाहिए ना की अपने स्वार्थ के लिए राष्ट्र समाज को क्षति पहुंचाना चाहिए इसलिए विद्यार्थी हो सके तो सक्रिय राजनीति से जितना दूर रहे उतना ही अच्छा है और साथ ही वह अपने विद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र संघ में भाग अवश्य ले ताकि वह राजनीति शासन कानून के बारे में जान सके और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के पथ पर अग्रसर हो सके।

अंतिम - प्रिय छात्र-छात्राओं आशा करता हूं कि आपको हमारा आज का यह निबंध अच्छा लगा है विद्यार्थियों आप इस निबंध को अपने एग्जाम क्लास टेस्ट में लिखकर परीक्षा में उत्तीर्ण हो सकते हैं इसलिए हो सके तो आप इस निबंध को तीन से चार बार अवश्य पढ़ ले ताकि यह आपके दिमाग में बैठ जाए और आपको यह निबंध लिखने में आसानी हो इस निबंध में हमने विद्यार्थी और वर्तमान राजनीति के मुख्य मुख्य तो पिक लिखे हैं जिससे कि आपके अध्यापक को समझने में आसानी होगी और वह आपको अच्छे नंबर देकर परीक्षा में उत्तीर्ण कर देंगे इसलिए आशा करता हूं कि आप इस निबंध को अपने सहपाठियों के साथ जरूर शेयर करेंगे ताकि वह भी इस निबंध को याद करके परीक्षा में उत्तीर्ण हो सकते हैं तो इसी के साथ मैं आप से अलविदा चाहता हूं और अगले दिन इसी प्रकार का ज्ञानवर्धक निबंध लेकर आपके सामने प्रस्तुत होगा तब तक के लिए आप हमें आज्ञा दीजिए धन्यवाद